एम्ब्रियो ग्रेडिंग क्या है: A, B, C का मतलब – कानपुर
हिंदी गाइड · 10 मिनट

एम्ब्रियो ग्रेडिंग क्या है: A, B, C का मतलब – कानपुर

Medically reviewed by Dr. Monica Sachdeva · Updated 5 Oct 2026

IVF रिपोर्ट में 4AA, 3BB या C देखकर घबराना स्वाभाविक है, लेकिन ये अक्षर बच्चे की सेहत का फैसला नहीं हैं। समझें एम्ब्रियो ग्रेडिंग क्या बताती है, क्या नहीं बताती और अगली मुलाकात में कौन-से सवाल पूछने चाहिए।

IVF लैब से फोन आता है—“आपके दो एम्ब्रियो बने हैं, एक 4AA और दूसरा 3BB।” खुशखबरी सुनकर राहत मिलती है, फिर मन उन्हीं अक्षरों में उलझ जाता है। क्या AA वाला ही अच्छा है? क्या BB से स्वस्थ बच्चा नहीं हो सकता? और रिपोर्ट में C हो तो क्या उम्मीद छोड़ देनी चाहिए? एम्ब्रियो ग्रेडिंग क्या है: A, B, C का मतलब – कानपुर में इलाज करवा रहे दंपतियों के लिए यह समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि रिपोर्ट अक्सर फैसले से पहले डर पैदा कर देती है। ग्रेड एम्ब्रियो के दिखने और विकास का आकलन है, भविष्य की गारंटी नहीं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

1. एम्ब्रियो ग्रेडिंग क्या देखती है?

अंडाणु और शुक्राणु के मिलने के बाद बना शुरुआती भ्रूण एम्ब्रियो कहलाता है। IVF में इसे लैब की नियंत्रित परिस्थितियों में विकसित होने दिया जाता है। एम्ब्रायोलॉजिस्ट तय समय पर उसकी कोशिकाएं, बनावट और विकास देखकर ग्रेड देते हैं। यह स्कूल की मार्कशीट जैसी स्थायी रैंक नहीं, उस समय की एक तस्वीर है।

ग्रेडिंग का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध एम्ब्रियो की तुलना करके ट्रांसफर या फ्रीजिंग की योजना में मदद करना है। डॉक्टर इस जानकारी को अंडाणु की उम्र, पिछली IVF कोशिशों, गर्भाशय की स्थिति और इलाज के उद्देश्य के साथ देखते हैं। केवल एक अक्षर पर पूरा फैसला टिकाना सही नहीं होता।

अच्छा ग्रेड गर्भ ठहरने की संभावना के बारे में उपयोगी संकेत देता है, लेकिन सामान्य क्रोमोसोम या स्वस्थ जन्म की पुष्टि नहीं करता। कम ग्रेड वाला एम्ब्रियो भी स्वस्थ गर्भावस्था दे सकता है। वहीं बेहतरीन दिखने वाला एम्ब्रियो कभी इम्प्लांट नहीं होता।

कानपुर में IVF उपचार की योजना बनाते समय रिपोर्ट की व्याख्या भी परामर्श का हिस्सा होनी चाहिए। केवल “अच्छा है” सुनने के बजाय पूछें कि आपकी स्थिति में उस ग्रेड का व्यावहारिक मतलब क्या है।

2. तीसरे दिन और ब्लास्टोसिस्ट की ग्रेडिंग अलग होती है

तीसरे दिन का एम्ब्रियो

तीसरे दिन एम्ब्रियो आम तौर पर कुछ अलग-अलग कोशिकाओं के रूप में दिखता है। लैब कोशिकाओं की संख्या, उनका आकार और उनके बीच मौजूद छोटे टूटे हुए हिस्सों को देखती है। इन हिस्सों को fragmentation कहा जाता है। इस समय लगभग आठ कोशिकाएं होना अक्सर अनुकूल संकेत माना जाता है, लेकिन संख्या अकेली पर्याप्त नहीं है।

समान आकार की कोशिकाएं और कम fragmentation बेहतर विकास के संकेत हो सकते हैं। कुछ लैब इस चरण में संख्याएं इस्तेमाल करती हैं, कुछ अक्षर। इसलिए तीसरे दिन का “ग्रेड A” और पांचवें दिन का “AA” एक ही बात नहीं हैं।

पांचवें, छठे या कभी सातवें दिन का ब्लास्टोसिस्ट

आगे विकसित होने पर एम्ब्रियो में तरल से भरी जगह और दो अलग कोशिका-समूह दिखाई देते हैं। इस अवस्था को ब्लास्टोसिस्ट कहते हैं। एक समूह से मुख्य रूप से शिशु विकसित होता है, जबकि बाहरी कोशिकाएं प्लेसेंटा बनने में योगदान देती हैं।

सभी एम्ब्रियो एक ही गति से नहीं बढ़ते। छठे दिन बना ब्लास्टोसिस्ट अपने-आप बेकार नहीं होता। उसकी उपयोगिता विकास के दिन, पूरे ग्रेड और मरीज की स्थिति से समझी जाती है। सातवें दिन तक कल्चर करना और ऐसे एम्ब्रियो इस्तेमाल करना लैब की नीति और व्यक्तिगत परिस्थिति पर निर्भर करता है।

3. 4AA, 3BB और 4BC को कैसे पढ़ें?

कई लैब ब्लास्टोसिस्ट के लिए Gardner या उससे मिलती-जुलती ग्रेडिंग अपनाती हैं। इसमें पहले एक संख्या और फिर दो अक्षर होते हैं। संख्या फैलाव का चरण बताती है; दोनों अक्षर अलग कोशिका-समूहों का आकलन हैं। अपनी लैब की लिखित व्याख्या जरूर लें, क्योंकि तरीके में थोड़ा अंतर हो सकता है।

पहली संख्या: ब्लास्टोसिस्ट कितना फैला है?

  • 1–2: अंदर की तरल वाली जगह बन और बढ़ रही है।
  • 3: यह जगह एम्ब्रियो को लगभग पूरा भर चुकी है।
  • 4: ब्लास्टोसिस्ट अधिक फैला है और बाहरी खोल पतला हो रहा है।
  • 5–6: एम्ब्रियो खोल से निकल रहा है या निकल चुका है।

बड़ी संख्या हर परिस्थिति में बेहतर एम्ब्रियो नहीं बताती। यह विकास का चरण है, बच्चे की गुणवत्ता का अंक नहीं।

दो अक्षर: अंदर और बाहर की कोशिकाएं

पहला अक्षर अंदर के कोशिका-समूह, यानी inner cell mass, के लिए होता है। दूसरा बाहरी परत, यानी trophectoderm, के लिए। सामान्य तौर पर A में पर्याप्त और अच्छी तरह व्यवस्थित कोशिकाएं दिखती हैं। B में व्यवस्था कुछ ढीली या कोशिकाएं अपेक्षाकृत कम हो सकती हैं। C में संबंधित समूह की कोशिकाएं बहुत कम या बनावट कम अनुकूल दिख सकती है। दोनों समूहों के मापदंड पूरी तरह एक जैसे नहीं होते।

इसलिए 4AA में फैलाव का चरण 4 और दोनों समूह A हैं। 3BB में चरण 3 और दोनों समूह B हैं। 4BC में अंदर का समूह B और बाहरी समूह C है। इसे “पूरे एम्ब्रियो को C मिला है” कहना अधूरी व्याख्या होगी।

4. क्या B या C ग्रेड से स्वस्थ बच्चा हो सकता है?

“डॉक्टर, मेरे पास सिर्फ BB है। क्या ट्रांसफर करवाने का फायदा है?” इसका जवाब केवल ग्रेड देखकर नहीं दिया जा सकता। B ग्रेड वाले एम्ब्रियो नियमित रूप से उपचार में इस्तेमाल होते हैं और उनसे स्वस्थ बच्चों का जन्म संभव है। C वाला कोई अक्षर भी अपने-आप एम्ब्रियो को अनुपयोगी नहीं बनाता।

हालांकि सभी ग्रेड की औसत संभावनाएं समान नहीं होतीं। कम अनुकूल बनावट वाले एम्ब्रियो में गर्भ ठहरने की संभावना कम हो सकती है। कुछ एम्ब्रियो विकास रुकने या लैब के उपयोग-मानदंड पूरे न करने के कारण ट्रांसफर के योग्य नहीं होते। व्यक्तिगत आकलन जरूरी है।

इसी तरह AA देखकर यह मानना कि अब गर्भ निश्चित है, आगे अनावश्यक सदमा दे सकता है। इम्प्लांटेशन में एम्ब्रियो के अलावा गर्भाशय की परत, हार्मोन और दूसरी जैविक प्रक्रियाएं भी भूमिका निभाती हैं। कई बार जांच के बाद भी असफलता का स्पष्ट कारण नहीं मिलता।

आपकी रिपोर्ट में कम ग्रेड आना आपकी किसी गलती का प्रमाण नहीं है। किसी दिन तनाव लेने, ऑफिस जाने या सामान्य खाना खाने को इसका कारण मानकर खुद को दोष न दें। NHS की IVF जानकारी भी उपचार को कई चरणों वाली प्रक्रिया के रूप में समझाती है, न कि केवल एक लैब परिणाम के रूप में।

5. अच्छी बनावट और सामान्य क्रोमोसोम अलग बातें हैं

माइक्रोस्कोप से एम्ब्रियो की बनावट देखी जा सकती है, लेकिन केवल देखकर उसके क्रोमोसोम सामान्य होने की पुष्टि नहीं होती। अच्छे ग्रेड में भी क्रोमोसोम की गड़बड़ी हो सकती है और कम ग्रेड में सामान्य क्रोमोसोम मिल सकते हैं। अंडाणु प्राप्त करने के समय की उम्र यहां महत्वपूर्ण है।

PGT-A में ब्लास्टोसिस्ट की बाहरी परत से कुछ कोशिकाएं लेकर क्रोमोसोम की संख्या का आकलन किया जाता है। यह morphology grading से अलग जांच है। यह हर मरीज के लिए जरूरी नहीं है और न ही हर आनुवंशिक बीमारी की जांच करती है। इसकी सीमाएं और कभी अस्पष्ट परिणाम भी हो सकते हैं।

“मेरे सभी एम्ब्रियो B हैं, क्या PGT कराना ही पड़ेगा?” केवल B ग्रेड होना इसका पर्याप्त कारण नहीं है। उम्र, इतिहास, एम्ब्रियो की संख्या और जांच से उपचार का फैसला वास्तव में बदलेगा या नहीं—इन बातों पर चर्चा होनी चाहिए।

PGS/PGT से जुड़ी सलाह लेते समय पूछें कि जांच आपके लिए क्यों सुझाई जा रही है। सामान्य PGT-A परिणाम भी गर्भधारण या पूरी तरह स्वस्थ बच्चे की गारंटी नहीं है; गर्भावस्था में जरूरी स्क्रीनिंग और जांच की सलाह अलग से दी जाती है।

6. ट्रांसफर, फ्रीजिंग और लैब की भूमिका

यदि कई एम्ब्रियो उपलब्ध हों, तो टीम विकास का दिन, ग्रेड और अन्य जानकारी देखकर प्राथमिकता तय करती है। केवल दो रिपोर्टों पर लिखे अक्षर देखकर अलग-अलग लैब के परिणामों की सीधी तुलना उचित नहीं है। देखने का समय और ग्रेडिंग की पद्धति भी फर्क डालते हैं।

फ्रीजिंग के बाद thaw करने पर ब्लास्टोसिस्ट कुछ समय सिकुड़ा हुआ दिख सकता है, फिर दोबारा फैल सकता है। इसलिए thaw के तुरंत बाद की तस्वीर को पुरानी तस्वीर से देखकर निष्कर्ष न निकालें। लैब उसकी कोशिकाओं के जीवित रहने और दोबारा फैलने का आकलन करती है।

एम्ब्रियो फ्रीजिंग पर बात करते समय पूछें कि कौन-से एम्ब्रियो सुरक्षित रखे गए, उनका दिन और ग्रेड क्या था, और भविष्य में उपयोग की प्रक्रिया क्या होगी। केवल बेहतर अक्षर पाने के लिए अनावश्यक देर तक कल्चर करना हर स्थिति में सही नहीं होता।

कम ग्रेड का मतलब यह भी नहीं कि कई एम्ब्रियो एक साथ ट्रांसफर कर देना सुरक्षित है। एक से अधिक एम्ब्रियो से जुड़वां या अधिक बच्चों की गर्भावस्था का जोखिम बढ़ सकता है। ट्रांसफर की संख्या अलग चिकित्सा निर्णय है। लैब की जिम्मेदारियों पर related English guide भी पढ़ सकते हैं।

7. कानपुर में रिपोर्ट लेकर जाएं तो ये सवाल पूछें

स्वरूप नगर या शारदा नगर पहुंचने के लिए काम से छुट्टी और परिवार की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। मुलाकात से पहले रिपोर्ट और सवाल फोन में एक जगह रख लें। अलग-अलग रिश्तेदारों को अधूरी जानकारी समझाने से बेहतर है कि आप और आपका साथी एक ही लिखित योजना समझें।

  • यह ग्रेड किस दिन और किस ग्रेडिंग सिस्टम में दिया गया है?
  • कुल कितने अंडाणु मिले, कितने fertilize हुए और कितने उपयोग योग्य एम्ब्रियो बने?
  • मेरे एम्ब्रियो में कौन-सी बात अनुकूल है और कौन-सी चिंता वाली?
  • ट्रांसफर अभी या बाद में करने का कारण क्या है?
  • यदि पहला ट्रांसफर सफल न हो, तो उपलब्ध विकल्प क्या होंगे?

“पड़ोस में किसी का AA था, मेरा BB क्यों?” इसका उपयोगी जवाब तुलना नहीं, आपकी अपनी cycle की समीक्षा है। अलग उम्र और उपचार इतिहास वाले लोगों की रिपोर्ट एक जैसी उम्मीद नहीं दे सकती।

किसी खाने, सप्लीमेंट या घरेलू उपाय से पहले से बने एम्ब्रियो का ग्रेड निश्चित रूप से बदलने का दावा भरोसेमंद नहीं है। धूम्रपान से बचना और दवाएं निर्देशानुसार लेना जरूरी है, लेकिन बदलाव से पहले डॉक्टर से पूछें। जांच, फ्रीजिंग और आगे के उपचार का खर्च कई कारकों पर निर्भर करता है; अनुमान परामर्श के बाद लें।

8. डॉक्टर कब दिखाएं?

अगर रिपोर्ट समझ नहीं आ रही, सभी एम्ब्रियो कम अनुकूल बताए गए हैं, बार-बार विकास रुक रहा है या पिछले ट्रांसफर असफल रहे हैं, तो अगला कदम लेने से पहले समीक्षा कराएं। एक खराब cycle से अंडाणु या शुक्राणु को अकेला जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। बिना स्पष्ट कारण बहुत सारी अतिरिक्त जांच कराना भी जरूरी नहीं होता।

अभी उपचार शुरू नहीं हुआ है तो सामान्य तौर पर 35 वर्ष से कम उम्र में एक साल कोशिश के बाद और 35 वर्ष या अधिक में छह महीने बाद सलाह लें। 40 वर्ष से अधिक उम्र, अनियमित माहवारी या ज्ञात प्रजनन समस्या हो तो इंतजार न करें। WHO की निःसंतानता संबंधी जानकारी समझाती है कि कारण महिला, पुरुष या दोनों से जुड़े हो सकते हैं।

अंडाणु निकालने या ट्रांसफर के बाद तेज पेट दर्द, बहुत ज्यादा सूजन, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, बुखार या अधिक रक्तस्राव हो तो रिपोर्ट चर्चा का इंतजार न करें। तुरंत उपचार टीम या नजदीकी आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।

9. PRAVI में रिपोर्ट से आगे की बातचीत

PRAVI IVF & Fertility Centre, Kanpur के Swaroop Nagar और Shardha Nagar केंद्रों पर परामर्श लेते समय अपनी पूरी cycle रिपोर्ट साथ लाएं। टीम में Medical Director Dr. Monica Sachdeva का 18 वर्षों, Dr. Rit Shukla का 10 वर्षों का अनुभव है; Dr. Sakshi Tandon और Dr. Ankita, MRCOG, 6+ वर्षों के अनुभव के साथ, भी टीम में शामिल हैं। दिल्ली केंद्र Pravi Global IVF Polyclinic, 41 Lajpat Nagar में है।

केंद्र द्वारा साझा परिचय में “दुनियाभर में 6000+ IVF बेबी” का उल्लेख है। यह किसी व्यक्ति के उपचार परिणाम की गारंटी नहीं है। आपके लिए उपयोगी बात यह है कि उपलब्ध एम्ब्रियो, विकल्प और सीमाएं साफ समझाई जाएं।

एम्ब्रियो का ग्रेड जानकारी है, अंतिम फैसला नहीं। अपनी रिपोर्ट में A, B या C का व्यक्तिगत मतलब समझने और अगला कदम तय करने के लिए PRAVI में अपॉइंटमेंट लें। सवाल लिखकर लाएं—इलाज की योजना समझना भी आपकी देखभाल का जरूरी हिस्सा है।

Frequently asked questions

क्या 4AA हमेशा 5AA से कमजोर एम्ब्रियो होता है?

नहीं। 4 और 5 मुख्य रूप से ब्लास्टोसिस्ट के फैलाव और खोल से निकलने के चरण बताते हैं। तुलना करते समय विकास का दिन, देखने का समय और अन्य लैब जानकारी भी जरूरी होती है।

क्या AB और BA ग्रेड एक ही हैं?

नहीं, दोनों अक्षरों की जगह महत्वपूर्ण है। पहले अक्षर से अंदर के कोशिका-समूह और दूसरे से बाहरी कोशिका-परत का आकलन मिलता है। किसे प्राथमिकता दी जाए, यह पूरी रिपोर्ट देखकर तय होता है।

क्या एम्ब्रियो का ग्रेड कुछ घंटों में बदल सकता है?

हां, एम्ब्रियो विकसित होता रहता है, इसलिए खास तौर पर फैलाव की संख्या बदल सकती है। अलग समय पर दर्ज ग्रेड जरूरी नहीं कि विरोधाभासी हों। रिपोर्ट में आकलन का दिन और समय पूछना उपयोगी है।

क्या C ग्रेड वाले एम्ब्रियो को फ्रीज नहीं किया जा सकता?

ऐसा सार्वभौमिक नियम नहीं है। कुछ C ग्रेड वाले एम्ब्रियो लैब के मानदंडों के अनुसार फ्रीजिंग और बाद में ट्रांसफर के योग्य हो सकते हैं। निर्णय उनकी पूरी बनावट, विकास और लैब की नीति पर निर्भर करता है।

क्या एम्ब्रियो ग्रेड से बच्चे का लिंग या बुद्धिमत्ता पता चलती है?

नहीं, ग्रेडिंग से लिंग, बुद्धिमत्ता, रूप-रंग या भविष्य की प्रतिभा नहीं बताई जा सकती। यह शुरुआती विकास और दिखाई देने वाली कोशिकाओं का सीमित आकलन है। भारत में गैर-चिकित्सकीय लिंग चयन कानूनन प्रतिबंधित है।

क्या ICSI से बने एम्ब्रियो की ग्रेडिंग अलग होती है?

आमतौर पर एक ही लैब में IVF और ICSI से बने एम्ब्रियो के लिए समान विकास-आधारित ग्रेडिंग मापदंड इस्तेमाल होते हैं। ICSI अंडाणु को fertilize करने का तरीका है, अपने-आप बेहतर ग्रेड का प्रमाण नहीं।

क्या केवल एक BB एम्ब्रियो होने पर नया IVF cycle जरूरी है?

जरूरी नहीं। उपलब्ध एम्ब्रियो का ट्रांसफर या पहले और एम्ब्रियो संग्रह करना उम्र, परिवार की योजना, मेडिकल इतिहास और आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। दोनों विकल्पों के लाभ और सीमाएं डॉक्टर से समझें।

क्या एम्ब्रियो की फोटो देखकर ऑनलाइन सही ग्रेड मिल सकता है?

एक स्थिर फोटो से विश्वसनीय व्यक्तिगत निष्कर्ष निकालना मुश्किल है। लैब के पास विकास के दिन, पिछले बदलाव और अलग दृश्य की जानकारी होती है। दूसरी राय लेते समय केवल फोटो के बजाय पूरी embryology रिपोर्ट साझा करें।

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