HSG टेस्ट कैसे होता है, क्या दर्द होता है – कानपुर
हिंदी गाइड · 10 मिनट

HSG टेस्ट कैसे होता है, क्या दर्द होता है – कानपुर

Medically reviewed by Dr. Monica Sachdeva · Updated 5 Oct 2026

HSG में ट्यूब की जांच कैसे होती है और दर्द कितना हो सकता है? कानपुर में जांच की तैयारी से लेकर रिपोर्ट और बाद की देखभाल तक, अपनी जरूरी बातें आसान हिंदी में समझें।

“डॉक्टर, HSG में बहुत दर्द होता है क्या? अगर ट्यूब बंद निकली तो क्या सीधे IVF कराना पड़ेगा?” गर्भधारण में देरी की जांच के दौरान ये सवाल अक्सर मन में आते हैं। किसी परिचित का अनुभव सुनकर घबराहट और बढ़ सकती है। सच यह है कि HSG में कुछ महिलाओं को हल्की ऐंठन होती है, जबकि कुछ को थोड़ी देर के लिए ज्यादा दर्द महसूस होता है। रिपोर्ट में रुकावट दिखने का मतलब भी हर बार स्थायी ब्लॉकेज नहीं होता। कानपुर में HSG की तैयारी कर रही हैं, तो जांच के चरण, सही समय और उसके बाद की देखभाल समझना आपको अधिक सहज और तैयार महसूस करा सकता है।

1. HSG क्या है और डॉक्टर इसे क्यों लिखते हैं?

HSG का पूरा नाम Hysterosalpingography है। यह एक्स-रे की मदद से गर्भाशय की अंदरूनी जगह और फैलोपियन ट्यूब को देखने की जांच है। ट्यूब वे पतली नलियां हैं जिनसे अंडा गर्भाशय की ओर पहुंचता है। सामान्य गर्भधारण में अंडे और शुक्राणु का मिलना आमतौर पर इन्हीं में होता है।

जांच में गर्भाशय के मुंह से एक विशेष तरल, यानी contrast dye, डाला जाता है। एक्स-रे में देखा जाता है कि यह तरल गर्भाशय से ट्यूब में जा रहा है या नहीं और उनके खुले सिरों से बाहर फैल रहा है या नहीं। इससे ट्यूब के खुले होने और गर्भाशय की अंदरूनी बनावट के बारे में जानकारी मिलती है।

लेकिन HSG पूरी फर्टिलिटी जांच का विकल्प नहीं है। इससे अंडों की गुणवत्ता, AMH या पुरुष साथी के शुक्राणुओं का पता नहीं चलता। ट्यूब खुली दिखने पर भी उसके काम करने की पूरी क्षमता साबित नहीं होती। इसलिए रिपोर्ट को पीरियड के इतिहास, अल्ट्रासाउंड और semen analysis के साथ समझना चाहिए। जरूरत के अनुसार महिला बांझपन की जांच आगे बढ़ाई जाती है।

2. पीरियड के कितने दिन बाद HSG होता है और तैयारी क्या रखें?

HSG आमतौर पर पीरियड का रक्तस्राव बंद होने के बाद और ओव्यूलेशन से पहले किया जाता है। अक्सर यह समय पीरियड शुरू होने के लगभग सातवें से दसवें दिन के आसपास होता है, लेकिन आपके चक्र के हिसाब से तारीख बदल सकती है। अनियमित पीरियड में सिर्फ कैलेंडर देखकर जांच की तारीख तय करना ठीक नहीं है।

“मेरा पीरियड बहुत हल्का आया था, क्या फिर भी जांच करा सकती हूं?” ऐसी स्थिति में गर्भावस्था की संभावना पहले स्पष्ट करना जरूरी है। माहवारी शुरू होने से जांच तक बिना सुरक्षा संबंध न बनाने की सलाह मिल सकती है। कभी pregnancy test भी किया जाता है। गर्भावस्था की आशंका, सक्रिय पेल्विक संक्रमण या ज्यादा रक्तस्राव हो तो जांच टाली जा सकती है।

जांच से पहले यह जानकारी जरूर दें

  • पिछले पीरियड की पहली तारीख, चक्र की सामान्य लंबाई और गर्भावस्था की कोई संभावना।
  • बुखार, बदबूदार स्राव, पेशाब में परेशानी या पहले से बढ़ा हुआ निचले पेट का दर्द।
  • पहले contrast dye से हुई प्रतिक्रिया, दवाओं की एलर्जी और नियमित चल रही दवाएं।
  • पुरानी पेल्विक सर्जरी, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, ट्यूब का संक्रमण या जननांग टीबी का इतिहास।

सामान्य HSG में अक्सर खाली पेट रहना जरूरी नहीं होता, लेकिन केंद्र की लिखित सलाह मानें। दर्द की दवा जांच से पहले लेने को कहा जा सकता है; उसे अपनी तरफ से न चुनें। एंटीबायोटिक भी सभी को जरूरी नहीं होती। कानपुर में यात्रा और ट्रैफिक का ध्यान रखकर पर्याप्त समय रखें, पुरानी रिपोर्ट और एक सैनिटरी पैड साथ लाएं।

3. HSG टेस्ट कैसे होता है: कमरे में क्या-क्या होगा?

पहले आपकी मेडिकल जानकारी, जांच का कारण और सहमति की पुष्टि की जाती है। आप इस समय दर्द, एलर्जी या किसी पिछले खराब अनुभव के बारे में बता सकती हैं। “क्या मैं बीच में रुकने को कह सकती हूं?” बिल्कुल—जांच के दौरान परेशानी होने पर स्टाफ को तुरंत बताएं।

  • जांच की स्थिति: आपको एक्स-रे टेबल पर लेटाया जाता है। यह स्थिति अंदरूनी स्त्री रोग जांच जैसी होती है।
  • गर्भाशय का मुंह देखना: योनि में speculum नाम का उपकरण धीरे से रखकर गर्भाशय के मुंह को देखा और साफ किया जाता है।
  • पतली नली लगाना: गर्भाशय के मुंह से एक पतली नली लगाई जाती है। इस समय दबाव या चुभन महसूस हो सकती है।
  • डाई और तस्वीरें: डाई धीरे-धीरे डाली जाती है और एक्स-रे तस्वीरें ली जाती हैं। जरूरत पर शरीर की स्थिति थोड़ी बदलने को कहा जा सकता है।
  • जांच पूरी होना: उपकरण निकाल दिए जाते हैं और कुछ देर आराम करने की सलाह दी जा सकती है।

असल जांच अक्सर लगभग 15–30 मिनट में पूरी हो जाती है, हालांकि तैयारी और इंतजार मिलाकर अधिक समय लग सकता है। सामान्यतः बेहोशी की जरूरत नहीं पड़ती। HSG में कम मात्रा में एक्स-रे विकिरण इस्तेमाल होता है, इसलिए गर्भावस्था को पहले बाहर करना जरूरी है। चाहें तो प्रक्रिया की जानकारी इस related English guide में भी पढ़ सकती हैं।

4. क्या HSG में दर्द होता है? राहत के लिए क्या कर सकते हैं?

दर्द का अनुभव हर महिला में अलग होता है। कुछ को पीरियड जैसी हल्की ऐंठन होती है; कुछ को डाई डालते समय तेज ऐंठन महसूस होती है। सबसे ज्यादा असहजता अक्सर इसी छोटे हिस्से में होती है और डाई डालना बंद होने के बाद कम होने लगती है। हल्की ऐंठन कुछ घंटों तक रह सकती है।

“मेरी सहेली बहुत रोई थी, क्या मेरे साथ भी ऐसा होगा?” जरूरी नहीं। गर्भाशय की संवेदनशीलता, नली लगने में कठिनाई, डाई का दबाव और व्यक्तिगत दर्द-सहनशीलता अनुभव बदल सकते हैं। घबराहट तकलीफ बढ़ा सकती है, लेकिन दर्द को केवल डर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादा दर्द अपने आप में ट्यूब बंद होने का प्रमाण नहीं है।

अपने आराम के लिए क्या पूछें?

  • क्या मेरे लिए जांच से पहले दर्द की दवा लेना सुरक्षित है, और कब लेनी है?
  • पहले अंदरूनी जांच में बहुत दर्द हुआ था; इस बार आराम बढ़ाने के क्या विकल्प हैं?
  • अगर दर्द बढ़े तो क्या प्रक्रिया रोककर दोबारा स्थिति देखी जा सकती है?

धीमी सांस लेना और शरीर को जितना संभव हो ढीला रखना मदद कर सकता है। दर्द छिपाकर सहते रहना जरूरी नहीं है। कुछ केंद्रों पर विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त दर्द-नियंत्रण के विकल्प हो सकते हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता पहले पूछें। प्रक्रिया की स्वतंत्र जानकारी ASRM की HSG रोगी जानकारी में भी उपलब्ध है।

5. रिपोर्ट में ट्यूब बंद आए तो क्या इसका मतलब IVF है?

नहीं। रिपोर्ट में “bilateral free spill” लिखा हो तो सामान्यतः दोनों ट्यूब से डाई बाहर निकलती दिखी है। एक तरफ spill दिखने का मतलब एक ट्यूब खुली दिखाई देना हो सकता है। लेकिन रिपोर्ट के शब्दों के साथ तस्वीरें देखना भी जरूरी है; केवल एक लाइन पढ़कर अगला इलाज तय नहीं करना चाहिए।

गर्भाशय के पास रुकावट कभी ट्यूब की अस्थायी ऐंठन या तकनीकी कारण से भी दिख सकती है। दूसरी ओर, ट्यूब का बाहर वाला सिरा बंद होना या उसमें तरल भरना, जिसे hydrosalpinx कहते हैं, अलग मूल्यांकन मांगता है। डॉक्टर जरूरत पर दोबारा जांच, दूसरी तकनीक या चुनिंदा मामलों में लैप्रोस्कोपी से मूल्यांकन सुझा सकते हैं। हर असामान्य रिपोर्ट के बाद ऑपरेशन जरूरी नहीं है।

एक स्वस्थ खुली ट्यूब होने पर प्राकृतिक गर्भधारण संभव हो सकता है। कुछ स्थितियों में IUI उपचार पर विचार किया जा सकता है, लेकिन ओव्यूलेशन, उम्र और semen report भी महत्वपूर्ण हैं। दोनों ट्यूब में वास्तविक रुकावट होने पर IVF उपचार एक विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें ट्यूब से होकर निषेचन होने की जरूरत नहीं होती।

“क्या डाई से ट्यूब साफ होकर प्रेग्नेंसी हो जाती है?” कुछ चुनी हुई परिस्थितियों में tubal flushing के बाद गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है। फिर भी HSG का मुख्य उद्देश्य जांच है; यह हर ब्लॉकेज खोलने का उपचार या गर्भधारण की गारंटी नहीं है।

6. HSG के बाद घर, ऑफिस और संबंधों को लेकर क्या ध्यान रखें?

जांच के बाद हल्की स्पॉटिंग, थोड़ी ऐंठन और डाई के साथ पानी जैसा स्राव हो सकता है। सैनिटरी पैड इस्तेमाल करना सुविधाजनक रहता है। सामान्य हल्के स्राव और बदबूदार स्राव में फर्क समझें। दर्द कम होने के बजाय बढ़े, तो उसे सामान्य मानकर इंतजार न करें।

अधिकांश महिलाएं उसी दिन हल्के रोजमर्रा के काम कर पाती हैं, लेकिन आराम की जरूरत अलग हो सकती है। जांच वाले दिन भारी काम या लंबा सफर टालना सहज रह सकता है। कानपुर में दूर से आ रही हैं तो संभव हो, किसी परिचित को साथ रखें। चक्कर या ज्यादा दर्द में खुद वाहन न चलाएं; sedation मिली हो तो केंद्र के विशेष निर्देश जरूरी हैं।

संबंध दोबारा कब बनाने हैं, इसके लिए जांच केंद्र की सलाह लें। अक्सर रक्तस्राव और असहजता रुकने तक रुकने को कहा जाता है। टैम्पॉन, योनि की अंदरूनी सफाई या अपनी मर्जी से दवा डालने से बचें। लिखी गई दवाएं निर्देश के अनुसार लें और रिपोर्ट पर चर्चा की तारीख तय करके लौटें।

7. डॉक्टर कब दिखाएं: सामान्य ऐंठन और चेतावनी में फर्क

HSG के बाद हल्की तकलीफ सामान्य हो सकती है, लेकिन संक्रमण या contrast की प्रतिक्रिया जैसी जटिलताएं भी संभव हैं। पहले से पेल्विक संक्रमण या खराब ट्यूब होने पर डॉक्टर अतिरिक्त सावधानी रख सकते हैं। नीचे दिए लक्षणों में उसी दिन चिकित्सा सलाह लें:

  • बुखार, ठंड लगना या सामान्य से बहुत ज्यादा कमजोरी।
  • तेज या लगातार बढ़ता निचले पेट का दर्द।
  • दुर्गंध वाला योनि स्राव या सामान्य पीरियड से बहुत ज्यादा रक्तस्राव।
  • लगातार उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसा लगना।

सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, अथवा बेहोशी होने पर तुरंत नजदीकी इमरजेंसी जाएं। केवल क्लिनिक के संदेश का जवाब आने का इंतजार न करें। सामान्य बाद की देखभाल संबंधी जानकारी के लिए NHS की HSG मार्गदर्शिका भी पढ़ सकती हैं।

गर्भधारण की कोशिश के बावजूद सफलता न मिल रही हो, पीरियड अनियमित हों या पहले एक्टोपिक प्रेग्नेंसी रही हो, तो फर्टिलिटी परामर्श लें। उम्र और पुराने मेडिकल इतिहास के अनुसार जांच जल्दी शुरू करने की जरूरत हो सकती है। स्वयं HSG बुक करने के बजाय पहले उसकी जरूरत समझें।

8. कानपुर में HSG की योजना और PRAVI में अगला कदम

HSG की तारीख तय करते समय पूछें कि जांच कहां होगी, कौन करेगा, कौन-सी पुरानी रिपोर्ट लानी हैं और रिपोर्ट कौन समझाएगा। खर्च केंद्र, इस्तेमाल होने वाली सामग्री, अतिरिक्त जांच और दर्द-नियंत्रण की जरूरत पर निर्भर करता है; परामर्श के बाद अनुमान लें। केवल कम खर्च या “बिल्कुल दर्द नहीं होगा” जैसे वादे के आधार पर निर्णय न करें।

PRAVI IVF & Fertility Centre, Kanpur की Swaroop Nagar और Shardha Nagar शाखाओं में फर्टिलिटी परामर्श के लिए संपर्क किया जा सकता है। मेडिकल टीम में Medical Director Dr. Monica Sachdeva, 18 वर्षों का अनुभव; Dr. Rit Shukla, 10 वर्षों का अनुभव; Dr. Sakshi Tandon; और Dr. Ankita, MRCOG, 6+ वर्षों का अनुभव शामिल हैं।

केंद्र की साझा जानकारी में “दुनियाभर में 6000+ IVF बेबी” का उल्लेख है। यह किसी व्यक्तिगत मरीज के परिणाम की गारंटी नहीं है। आपके लिए सही सलाह आपकी उम्र, जांच और दोनों साथियों की स्थिति पर निर्भर करेगी। दिल्ली में केंद्र की उपस्थिति Pravi Global IVF Polyclinic, 41 Lajpat Nagar में भी है।

HSG को लेकर डर है या रिपोर्ट में ब्लॉकेज लिखा है, तो रिपोर्ट और उपलब्ध तस्वीरें लेकर PRAVI में परामर्श बुक करें। लक्ष्य सिर्फ जांच कराना नहीं, बल्कि यह समझना है कि उसकी जरूरत क्यों है और परिणाम के बाद आपके लिए अगला उचित कदम क्या होगा।

Frequently asked questions

क्या HSG और सामान्य अल्ट्रासाउंड एक ही जांच हैं?

नहीं। सामान्य अल्ट्रासाउंड से गर्भाशय और अंडाशय देखे जाते हैं, लेकिन उससे आमतौर पर ट्यूब के खुले होने की पुष्टि नहीं होती। HSG में contrast dye और एक्स-रे से ट्यूब में तरल का रास्ता देखा जाता है।

क्या पीरियड की स्पॉटिंग जारी हो तो HSG करा सकते हैं?

जांच से पहले केंद्र को बताएं कि स्पॉटिंग कितनी है और कब से है। डॉक्टर रक्तस्राव, संक्रमण के लक्षण और गर्भावस्था की संभावना देखकर तारीख तय करेंगे। अपनी तरफ से यह न मानें कि हल्का खून होने पर जांच हमेशा सुरक्षित है।

क्या बिना बेहोशी के HSG करवाना सुरक्षित है?

सामान्य HSG अक्सर बिना बेहोशी के किया जाता है। आराम के लिए डॉक्टर दर्द की दवा सुझा सकते हैं। पहले बहुत दर्दनाक जांच का अनुभव रहा हो, तो अतिरिक्त विकल्पों पर पहले बात करें।

क्या AMH कम होने पर HSG की जरूरत नहीं रहती?

AMH और HSG अलग जानकारी देते हैं। AMH अंडाशय में बचे अंडों के भंडार का अनुमान लगाने में मदद करता है, जबकि HSG ट्यूब के खुले होने का मूल्यांकन करता है। जांच की जरूरत आपके प्रस्तावित उपचार और बाकी रिपोर्ट पर निर्भर करती है।

क्या HSG से जननांग टीबी की पुष्टि हो सकती है?

नहीं, HSG अकेले जननांग टीबी की पुष्टि नहीं करता। कुछ बदलाव संदेह पैदा कर सकते हैं, लेकिन निदान के लिए इतिहास और जरूरत के अनुसार अन्य जांच जरूरी होती हैं। केवल HSG रिपोर्ट देखकर टीबी की दवा शुरू नहीं करनी चाहिए।

क्या HSG वाले महीने गर्भधारण की कोशिश कर सकते हैं?

कई मामलों में डॉक्टर की अनुमति और रक्तस्राव या असहजता खत्म होने के बाद उसी चक्र में कोशिश की जा सकती है। संक्रमण, अतिरिक्त प्रक्रिया या अन्य मेडिकल कारण होने पर सलाह अलग हो सकती है। जांच के बाद अपने डॉक्टर से स्पष्ट निर्देश लें।

क्या IVF शुरू करने से पहले हर महिला को HSG चाहिए?

हर महिला को इसकी जरूरत नहीं होती, क्योंकि IVF में निषेचन ट्यूब के बाहर होता है। फिर भी hydrosalpinx या गर्भाशय से जुड़ी आशंका में अतिरिक्त मूल्यांकन जरूरी हो सकता है। पहले की रिपोर्ट और अल्ट्रासाउंड देखकर डॉक्टर उचित जांच चुनते हैं।

अगर HSG के लिए पतली नली नहीं लग पाए तो क्या करें?

कभी गर्भाशय का मुंह संकरा होने, उसकी स्थिति या दर्द के कारण नली लगाना कठिन हो सकता है। यह अपने आप में ट्यूब ब्लॉकेज का प्रमाण नहीं है। डॉक्टर प्रक्रिया रोककर दूसरी तारीख, अतिरिक्त सहायता या वैकल्पिक जांच पर विचार कर सकते हैं।

Have a question about your own case?

6000+ IVF babies worldwide. Talk to our fertility team in Kanpur — we will review your reports and explain the options honestly.

More articles