डॉ. मोनिका सचदेवा: कानपुर की IVF विशेषज्ञ
Medically reviewed by Dr. Monica Sachdeva · Updated 5 Oct 2026
फर्टिलिटी उपचार का सही रास्ता हर दंपती के लिए अलग होता है। जानें डॉ. मोनिका सचदेवा और PRAVI IVF, कानपुर में सलाह लेने से पहले किन जांचों, सवालों और व्यावहारिक तैयारियों को समझना उपयोगी है।
प्रेग्नेंसी की कोशिश करते हुए जब हर महीने उम्मीद के बाद निराशा मिले, तो सवाल केवल इलाज का नहीं रहता। मन में यह भी आता है कि किस डॉक्टर से मिलें, कौन-सी जांच जरूरी होगी और क्या सीधे IVF कराना पड़ेगा। डॉ. मोनिका सचदेवा: कानपुर की IVF विशेषज्ञ के बारे में जानकारी खोज रहे दंपतियों के लिए सबसे उपयोगी शुरुआत है—डॉक्टर की भूमिका, उपचार के विकल्प और अपनी स्थिति को समझना। PRAVI IVF & Fertility Centre, Kanpur में सलाह लेने से पहले यह गाइड आपको बातचीत की तैयारी करने में मदद करेगी। उद्देश्य किसी इलाज के लिए जल्दबाजी करना नहीं, बल्कि ऐसा निर्णय लेना है जिसका कारण, समय और सीमाएं आपको स्पष्ट हों।
1. डॉ. मोनिका सचदेवा और PRAVI की फर्टिलिटी टीम
डॉ. मोनिका सचदेवा PRAVI IVF & Fertility Centre की Medical Director हैं और उन्हें 18 वर्षों का अनुभव है। फर्टिलिटी उपचार में अनुभव इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि एक जैसी रिपोर्ट वाले दो लोगों की जरूरतें भी अलग हो सकती हैं। उम्र, पिछली प्रेग्नेंसी, ऑपरेशन, मासिक चक्र और पुरुष साथी की जांच—इन सबको साथ देखकर अगला कदम तय होता है। उनकी भूमिका की जानकारी डॉ. मोनिका सचदेवा की प्रोफाइल पर देख सकते हैं।
क्लिनिक की टीम में 10 वर्षों के अनुभव वाली डॉ. रित शुक्ला, डॉ. साक्षी टंडन और MRCOG योग्यता तथा 6+ वर्षों के अनुभव वाली डॉ. अंकिता भी शामिल हैं। अपॉइंटमेंट लेते समय पूछें कि आपकी शुरुआती सलाह किस डॉक्टर के साथ होगी और उपचार के दौरान रिपोर्ट की समीक्षा कौन करेगा। यह स्पष्टता बार-बार अपनी पूरी कहानी दोहराने की चिंता कम कर सकती है।
क्लिनिक की साझा की गई जानकारी में “दुनियाभर में 6000+ IVF बेबी” का उल्लेख है। ऐसे सामूहिक आंकड़े किसी एक व्यक्ति के परिणाम की भविष्यवाणी नहीं करते। अपने लिए संभावना समझते समय उम्र, निदान, अंडाणु और शुक्राणु से जुड़े कारकों तथा पिछले उपचार पर व्यक्तिगत चर्चा जरूरी है।
2. पहली मुलाकात में आपकी कहानी रिपोर्ट जितनी जरूरी है
“मेरी सारी रिपोर्ट सामान्य हैं, फिर प्रेग्नेंसी क्यों नहीं हो रही?” पहली मुलाकात में यह सवाल अक्सर उठता है। सामान्य दिखने वाली शुरुआती जांचें फर्टिलिटी के हर पहलू को नहीं बतातीं। कभी समस्या समझने के लिए कोशिश की अवधि, संबंध बनाने का समय, ट्यूब की स्थिति और वीर्य जांच को एक साथ देखना पड़ता है। कुछ दंपतियों में शुरुआती जांचों के बाद भी स्पष्ट कारण नहीं मिलता।
फर्टिलिटी की समस्या को केवल महिला की जिम्मेदारी मानना सही नहीं है। जहां संभव हो, दोनों साथी साथ आएं। डॉक्टर दोनों की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं, पुरानी बीमारियों और जीवनशैली के बारे में पूछ सकते हैं। WHO की बांझपन संबंधी जानकारी भी बताती है कि कारण पुरुष, महिला या अस्पष्ट कारकों से जुड़े हो सकते हैं।
पहले अपॉइंटमेंट के लिए क्या साथ लाएं?
- पुराने अल्ट्रासाउंड, हार्मोन जांच, वीर्य जांच और ट्यूब की जांच की रिपोर्ट।
- पहले हुए IUI या IVF की उपचार शीट और उपलब्ध भ्रूण संबंधी रिकॉर्ड।
- पिछले कुछ महीनों की पीरियड की तारीखें और नियमित ली जा रही दवाओं की सूची।
- प्रेग्नेंसी, गर्भपात, ऑपरेशन या गंभीर संक्रमण का पुराना रिकॉर्ड।
रिपोर्ट अधूरी हो तो केवल इसी वजह से सलाह न टालें। जो जानकारी उपलब्ध है, उससे भी बातचीत शुरू हो सकती है। अपनी तीन मुख्य चिंताएं लिख लें—जैसे काम से छुट्टी, इंजेक्शन का डर या पिछले असफल उपचार का अनुभव।
3. क्या हर दंपती को IVF की जरूरत होती है?
नहीं। सही उपचार का मतलब सबसे बड़ा उपचार चुनना नहीं है। कुछ स्थितियों में ओव्यूलेशन की निगरानी, सही समय पर संबंध बनाने की सलाह या किसी पहचानी गई समस्या का इलाज पर्याप्त हो सकता है। कुछ दंपतियों के लिए IUI उपयोगी विकल्प हो सकता है, जबकि ट्यूब की गंभीर समस्या, कुछ पुरुष कारकों या अन्य परिस्थितियों में IVF पर चर्चा होती है।
जांचें इलाज का रास्ता कैसे तय करती हैं?
AMH और अल्ट्रासाउंड से मिलने वाला antral follicle count अंडाशय की संभावित प्रतिक्रिया समझने में मदद करते हैं। AMH अकेले अंडाणु की गुणवत्ता, प्राकृतिक प्रेग्नेंसी की संभावना या IVF के परिणाम का अंतिम उत्तर नहीं है। कम AMH सुनकर घबराना स्वाभाविक है, लेकिन उसका अर्थ उम्र और बाकी जानकारी के साथ समझना चाहिए।
वीर्य जांच में संख्या के अलावा शुक्राणुओं की गति और बनावट भी देखी जाती है। असामान्य रिपोर्ट मिलने पर डॉक्टर परिस्थिति के अनुसार दोबारा जांच या आगे मूल्यांकन सुझा सकते हैं। पुरुष फर्टिलिटी की जांच और उपचार को शुरुआती योजना में शामिल करने से केवल महिला की जांचों पर निर्भर रहने से बचा जा सकता है।
ICSI में एक शुक्राणु को अंडाणु के भीतर पहुंचाया जाता है; यह कुछ स्थितियों में उपयोगी है, लेकिन हर IVF चक्र में अनिवार्य नहीं। इसी तरह hysteroscopy, laparoscopy, TESA या भ्रूण की genetic testing हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होती। पूछें: “यह जांच मेरे मामले में क्या बदलेगी, और इसे न कराने पर क्या असर होगा?”
4. IVF की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझें
IVF में अंडाणु और शुक्राणु को लैब में मिलाकर भ्रूण बनाया जाता है। फिर उपयुक्त समय पर भ्रूण गर्भाशय में रखा जाता है। सुनने में यह सीधी प्रक्रिया लगती है, लेकिन हर चरण पर शरीर की प्रतिक्रिया और उपलब्ध परिणाम के अनुसार योजना बदल सकती है। कानपुर में IVF उपचार की जानकारी पढ़कर आप सलाह के दौरान अधिक स्पष्ट सवाल पूछ सकते हैं।
इलाज के मुख्य चरण
- शुरुआती तैयारी: मेडिकल हिस्ट्री, जरूरी जांचें, दवाओं की समीक्षा और सहमति की प्रक्रिया।
- अंडाशय की निगरानी: दवाओं या इंजेक्शन के साथ अल्ट्रासाउंड और जरूरत के अनुसार रक्त जांच।
- अंडाणु निकालना: तय समय पर प्रक्रिया, जिसके लिए बेहोशी या आराम देने वाली दवा की योजना समझाई जाती है।
- लैब का चरण: निषेचन और भ्रूण के विकास की निगरानी; हर अंडाणु से भ्रूण बनना जरूरी नहीं है।
- एम्ब्रियो ट्रांसफर और जांच: ताजा या फ्रोजन भ्रूण का ट्रांसफर, फिर डॉक्टर के बताए समय पर प्रेग्नेंसी जांच।
“क्या उसी महीने ट्रांसफर होगा?” इसका उत्तर हर बार हां नहीं होता। हार्मोन स्तर, गर्भाशय की तैयारी या सुरक्षा संबंधी कारणों से भ्रूण फ्रीज करके बाद में ट्रांसफर सुझाया जा सकता है। देरी अपने आप में उपचार की विफलता नहीं है; कभी यह अधिक उपयुक्त योजना का हिस्सा होती है।
एक साथ अधिक भ्रूण रखने से जुड़वां या उससे अधिक बच्चों की प्रेग्नेंसी का जोखिम बढ़ सकता है। कितने भ्रूण ट्रांसफर करने हैं, इस पर सुरक्षा सहित चर्चा करें। प्रक्रिया की सामान्य जानकारी के लिए NHS की IVF गाइड भी उपयोगी है।
5. अच्छी सफलता दर का आपके लिए क्या मतलब है?
किसी केंद्र के बारे में “अच्छी सफलता दर” सुनना उत्साह देता है, लेकिन उससे पहले यह समझना जरूरी है कि सफलता किसे कहा जा रहा है। सकारात्मक प्रेग्नेंसी टेस्ट, अल्ट्रासाउंड पर प्रेग्नेंसी और जीवित बच्चे का जन्म अलग-अलग परिणाम हैं। तुलना करते समय पूछें कि जानकारी किस उम्र के मरीजों और किस प्रकार के उपचार से संबंधित है।
आपकी व्यक्तिगत संभावना पर उम्र, अंडाणु और शुक्राणु के कारक, गर्भाशय की स्थिति, भ्रूण का विकास और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं असर डाल सकती हैं। स्वस्थ जीवनशैली सहायक है, लेकिन केवल खानपान बदलकर या कोई सप्लीमेंट लेकर परिणाम सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। डॉक्टर की सलाह के बिना हार्मोन या तथाकथित फर्टिलिटी दवा शुरू न करें।
“पहला IVF सफल नहीं हुआ, क्या अब उम्मीद खत्म है?” जरूरी नहीं, लेकिन उसी योजना को बिना समीक्षा दोहराना भी उचित नहीं। पिछले चक्र में अंडाशय की प्रतिक्रिया, निषेचन, भ्रूण विकास और ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी की समीक्षा उपयोगी होती है। हर असफल चक्र के बाद बहुत सारी अतिरिक्त जांचें या महंगे add-ons जरूरी नहीं होते; उनके लाभ और सीमाओं का कारण पूछें।
एग या एम्ब्रियो फ्रीजिंग भविष्य के विकल्प सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है, पर भविष्य में बच्चे की गारंटी नहीं है। फ्रीजिंग के विकल्प समझते समय संग्रहण, सहमति, आगे उपयोग और समय-समय पर संपर्क बनाए रखने की शर्तें भी जानें।
6. डॉक्टर कब दिखाएं?
सामान्य सलाह के अनुसार, महिला की उम्र 35 वर्ष से कम हो और नियमित बिना गर्भनिरोधक संबंध के बावजूद 12 महीने में प्रेग्नेंसी न हो, तो फर्टिलिटी मूल्यांकन कराना चाहिए। 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र में लगभग छह महीने बाद सलाह लेना उचित है। 40 वर्ष से अधिक उम्र में या पहले से कोई समस्या होने पर शुरुआत में ही डॉक्टर से चर्चा करें। ये अवधि इंतजार करने की मजबूरी नहीं हैं।
- पीरियड बहुत अनियमित हों, कई महीने न आएं या दर्द बहुत ज्यादा हो।
- एंडोमेट्रियोसिस, ट्यूब की समस्या, पेल्विक संक्रमण या संबंधित ऑपरेशन का इतिहास हो।
- बार-बार गर्भपात हुआ हो या पहले एक्टोपिक प्रेग्नेंसी हुई हो।
- वीर्य जांच में समस्या, अंडकोष की बीमारी या संबंध बनाने में कठिनाई हो।
- कैंसर के इलाज जैसी ऐसी चिकित्सा प्रस्तावित हो जो फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हो।
फर्टिलिटी उपचार के दौरान तेज पेट दर्द, बहुत ज्यादा पेट फूलना, सांस फूलना, बेहोशी, पेशाब कम होना या अधिक रक्तस्राव हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सकारात्मक प्रेग्नेंसी टेस्ट के साथ एक तरफ तेज दर्द या चक्कर आने पर भी नियमित अपॉइंटमेंट का इंतजार न करें।
7. कानपुर में उपचार की व्यावहारिक तैयारी
PRAVI IVF & Fertility Centre के कानपुर केंद्र Swaroop Nagar और Shardha Nagar में हैं। अपॉइंटमेंट लेते समय केंद्र, डॉक्टर की उपलब्धता और जांच का समय पक्का कर लें। कानपुर के ट्रैफिक, नौकरी की शिफ्ट और घर की जिम्मेदारियों के बीच उपचार संभालने के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी है। हर विजिट पर दोनों साथियों का होना जरूरी है या नहीं, यह भी पूछ लें।
दिल्ली में Pravi Global IVF Polyclinic, 41 Lajpat Nagar भी है। यदि आप कानपुर और दिल्ली के बीच आते-जाते हैं, तो रिकॉर्ड साझा करने और उपचार की निरंतरता की व्यवस्था पहले स्पष्ट करें। यह न मानें कि हर जांच या प्रक्रिया हर स्थान पर समान रूप से उपलब्ध होगी।
समय और खर्च पर खुलकर बात करें
IVF का खर्च दवाओं की जरूरत, जांचों, लैब प्रक्रियाओं, फ्रीजिंग और आगे के ट्रांसफर जैसे कारकों पर निर्भर करता है। व्यक्तिगत अनुमान परामर्श और शुरुआती मूल्यांकन के बाद ही लेना बेहतर है। लिखित रूप में पूछें कि प्रस्तावित योजना में क्या शामिल है और किन परिस्थितियों में अतिरिक्त खर्च हो सकता है।
अंडाणु निकालने वाले दिन साथ आने वाले व्यक्ति और घर लौटने की व्यवस्था रखें। इंजेक्शन के समय, दवाओं को रखने के तरीके और छूटी हुई खुराक पर क्या करना है, यह लिखवा लें। भावनात्मक थकान होने पर मदद मांगना कमजोरी नहीं; साथी या काउंसलर के साथ बातचीत उपचार के दबाव को संभालने में सहायक हो सकती है।
8. अगला कदम: अपनी स्थिति के अनुसार स्पष्ट योजना लें
एक उपयोगी परामर्श के बाद आपको तीन बातें समझ आनी चाहिए: अभी क्या समस्या दिख रही है, अगला कदम क्यों सुझाया गया है और दोबारा समीक्षा कब होगी। किसी जांच या प्रक्रिया का कारण समझ न आए तो दोबारा पूछें। उपचार शुरू करने से पहले विकल्पों, जोखिमों और अपनी सहमति को समझने के लिए समय लेना उचित है।
अंग्रेजी में पढ़ना चाहें तो related English guide देख सकते हैं। व्यक्तिगत सलाह के लिए PRAVI IVF & Fertility Centre, Kanpur में अपॉइंटमेंट बुक करें। अपनी उपलब्ध रिपोर्ट और सवाल साथ लाएं, ताकि बातचीत केवल IVF कराने पर नहीं, बल्कि आपके लिए सही अगला कदम चुनने पर केंद्रित रहे।
Frequently asked questions
डॉ. मोनिका सचदेवा से पहली सलाह के लिए क्या IVF का निर्णय लेकर आना जरूरी है?
नहीं, पहली सलाह का उद्देश्य आपकी स्थिति और उपलब्ध विकल्पों को समझना है। रिपोर्ट और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर डॉक्टर बता सकती हैं कि अभी और मूल्यांकन, सरल उपचार या IVF पर चर्चा उचित होगी।
PRAVI के Swaroop Nagar और Shardha Nagar केंद्रों में से कहां अपॉइंटमेंट लें?
अपनी सुविधा के साथ डॉक्टर की उपलब्धता और प्रस्तावित जांच या प्रक्रिया का स्थान पूछकर केंद्र चुनें। बुकिंग के समय यह स्पष्ट कर लें कि आपकी मुलाकात किस डॉक्टर से और किस केंद्र पर होगी।
क्या डॉ. मोनिका सचदेवा से मिलने से पहले AMH जांच करा लेनी चाहिए?
बिना सलाह के नई जांचें कराना हमेशा जरूरी नहीं होता। पुरानी रिपोर्ट लेकर जाएं; डॉक्टर उम्र, मासिक चक्र और उपचार की जरूरत के अनुसार AMH या दूसरी जांच सुझा सकती हैं। AMH अकेले प्रेग्नेंसी की संभावना तय नहीं करता।
पति पहली मुलाकात में न आ सकें तो क्या सलाह टाल देनी चाहिए?
नहीं, आप उपलब्ध रिपोर्ट के साथ शुरुआती सलाह ले सकती हैं। हालांकि दोनों साथियों का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है, इसलिए पुरुष साथी की हिस्ट्री और जरूरत होने पर वीर्य जांच बाद में शामिल करनी होगी।
दूसरे क्लिनिक में IVF असफल हुआ हो तो कौन-से रिकॉर्ड लेकर आएं?
दवाओं की उपचार शीट, अंडाणु निकालने की जानकारी, निषेचन और भ्रूण विकास की रिपोर्ट तथा ट्रांसफर का रिकॉर्ड साथ लाएं। ये उपलब्ध न हों तो पहले क्लिनिक से प्रतियां मांग सकते हैं। पुराने चक्र की जानकारी अगली योजना की समीक्षा में मदद करती है।
नौकरी के साथ कानपुर में IVF उपचार कैसे व्यवस्थित करें?
डॉक्टर से निगरानी वाली विजिट और प्रक्रिया के संभावित दिनों की जानकारी लें, लेकिन तारीखों में बदलाव की गुंजाइश रखें। बेहोशी की दवा वाली प्रक्रिया के दिन काम और अकेले लौटने की योजना न बनाएं। आराम और काम पर लौटने की सलाह अपनी स्थिति के अनुसार लें।
क्या हर मरीज की पूरी प्रक्रिया डॉ. मोनिका सचदेवा ही करती हैं?
फर्टिलिटी उपचार में डॉक्टरों, नर्सिंग और लैब टीम की अलग-अलग भूमिकाएं होती हैं। आपकी सलाह, निगरानी और प्रक्रिया में कौन शामिल रहेगा, इसकी पुष्टि क्लिनिक से करें। किसी विशेष डॉक्टर की उपलब्धता पहले से पूछना बेहतर है।
IVF की योजना स्वीकार करने से पहले खर्च के बारे में क्या पूछें?
पूछें कि अनुमान में दवाएं, जांचें, लैब प्रक्रियाएं, फ्रीजिंग और बाद का ट्रांसफर शामिल हैं या नहीं। खर्च व्यक्तिगत जरूरत और उपचार में बदलाव पर निर्भर करता है। मूल्यांकन के बाद लिखित अनुमान लेने से योजना समझना आसान होता है।